BJP अहिवारा विधायक डोमेनलाल कोर्सेवाडा ने बोले हमारे किसान पशुपालन से ही आत्मनिर्भर बनेंगे

दुर्ग: कार्यक्रम में कुलपति *डॉ. आर.आर.बी. सिंह* के मार्गदर्शन एवं अधिष्ठाता सह निदेशक विस्तार शिक्षा *डॉ. मनोज गेंदले* के निर्देशन में *छत्तीसगढ़ एग्रीकोन समिति* के सहयोग से कबीरधाम जिले के गाय एवं भैंस पालक किसानों/उद्यमियों हेतु आयोजित त्रिदिवसीय *"गाय/भैंस पालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास प्रशिक्षण"* का आज भव्य समापन समारोह आयोजित हुआ। समापन समारोह में *मुख्य अतिथि श्री डोमेनलाल कोर्सेवाडा, विधायक अहिवारा एवं कार्य परिषद सदस्य, दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग* ने अपने उद्बोधन में कहा कि "पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। वैज्ञानिक तरीके से गाय-भैंस पालन कर किसान अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर हर युवा उद्यमी बन सकता है।" उन्होंने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम की *अध्यक्षता महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. सुशांत पाल* ने की। इस अवसर पर *निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ. मनोज गेंदले, कुलसचिव डॉ. भानु प्रताप राठिया, विश्वविद्यालय की जनसंपर्क अधिकारी डॉ. दिलीप चौधरी* मंचासीन रहे। *प्रशिक्षण आयोजक सहा. प्राध्यापक डॉ. रामचंद्र रामटेके* ने बताया कि 13 से 15 मई तक चले इस आवासीय प्रशिक्षण में कबीरधाम जिले से आए *30 प्रगतिशील किसान प्रशिक्षणार्थियों* को विषय-विशेषज्ञों द्वारा गहन प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदु रहे: 1. *नस्ल प्रबंधन:* गाय-भैंस की उन्नत नस्लें, कृत्रिम गर्भाधान एवं नस्ल सुधार तकनीक 2. *पोषण एवं चारा प्रबंधन:* संतुलित पशु आहार, पैरा यूरिया उपचार, अजोला उत्पादन, वर्षभर हरा चारा उत्पादन 3. *आवास प्रबंधन:* वैज्ञानिक डेयरी शेड निर्माण एवं स्वच्छता 4. *रोग प्रबंधन:* प्रमुख संक्रामक रोग, टीकाकरण, प्राथमिक चिकित्सा एवं पारंपरिक उपचार 5. *उद्यमिता विकास:* दुग्ध मूल्य संवर्धन, दही-पनीर-घी निर्माण, विपणन तकनीक 6. *वित्तीय जानकारी:* पशुपालन की शासकीय योजनाएं, सब्सिडी, बैंक लोन एवं NABARD प्रक्रिया 7. *प्रायोगिक भ्रमण:* महाविद्यालय के डेयरी फार्म एवं चारा उत्पादन इकाई का भ्रमण 8. *किसान-वैज्ञानिक संवाद:* प्रगतिशील डेयरी उद्यमी के साथ सीधा संवाद एवं अनुभव साझा प्रशिक्षण में *डॉ. डी.के. जोल्हे, डॉ. आशुतोष, डॉ. भानु, डॉ. शिवेश, डॉ. रजनी, डॉ. जागृति, डॉ. शिवेश देशमुख* सहित समस्त प्राध्यापकगणों ने विषयवार व्याख्यान एवं प्रायोगिक प्रदर्शन किए। कार्यक्रम का *संचालन डॉ. दीप्ति* द्वारा किया गया एवं *धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शब्बीर अनंत* ने प्रस्तुत किया। प्रशिक्षणार्थियों ने विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण से उन्हें वैज्ञानिक पशुपालन की बारीकियां समझने में बहुत मदद मिली।

1 / 1

1.