नेत्रदान पर कुरदा phc के RMO संतोष सोनी बोले एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को रोशनी मिल सकती है

विश्व दृष्टि दिवस पर PHC कुरदा में कार्यक्रम आयोजित: नेत्रदान संकल्प लेने वाले कर्मचारियों का सम्मान भ्रांतियों को दूर कर नेत्रदान के प्रति किया गया जागरूक, मरणोपरांत 4 से 6 घंटे के भीतर संभव है कॉर्निया प्रत्यारोपण जांजगीर-चांपा: विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर 8 अक्टूबर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) कुरदा और 'सक्षम' जिला जांजगीर-चांपा के संयुक्त तत्वावधान में नेत्रदान जागरूकता परिचर्चा एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान नेत्रदान का संकल्प लेने वाले कर्मचारियों को सम्मानित करने के साथ समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की प्रमुख बातें: * सम्मानित कर्मचारी: स्टाफ नर्स श्रीमती नेहा स्नेही, वार्ड आया श्रीमती गीता ध्रुव एवं वार्ड बॉय श्री मनी राम निराला को बैज, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। * नेत्रदान की प्रक्रिया व समयसीमा: RMA श्री संतोष कुमार सोनी ने बताया कि मरणोपरांत 4 से 6 घंटे के भीतर दक्ष डॉक्टरों द्वारा केवल आंख की पारदर्शी परत (कॉर्निया) निकाली जाती है। एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को रोशनी मिल सकती है। * पात्रता व सावधानी: 8 वर्ष से लेकर 80 वर्ष तक के लोग नेत्रदान कर सकते हैं। मृत्यु के बाद आंखों को सूखने से बचाने के लिए उन पर गीला विसंक्रमित कपड़ा रखना चाहिए। * अपवाद: HIV/एड्स, हेपेटाइटिस, कैंसर, रेबीज जैसी बीमारियों या सर्पदंश/विषपान से मृत व्यक्ति नेत्रदान नहीं कर सकते। * भ्रांतियों का निवारण: डॉ. अभिषेक कुर्रे ने समाज में फैली भ्रांतियों—जैसे पूरी आंख निकालना, अगले जन्म में अंधा पैदा होना या प्रक्रिया का जटिल व खर्चीला होना—को खारिज करते हुए लोगों को जागरूक करने और संकल्प लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर डॉ. राधिका सिदार, महिला सुपरवाइजर श्रीमती रागिनी उपाध्याय, पुरुष सुपरवाइजर श्री कोमल प्रसाद राठौर सहित क्षेत्र के समस्त RHO एवं स्वास्थ्य अमला उपस्थित रहा। कार्यक्रम का सफल संचालन सक्षम के सचिव व RMA श्री संतोष कुमार सोनी ने किया।

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