दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री , विधायक व छत्तीसगढ़ प्रभारी मुकेश अहलावत बोले कांग्रेस से जनता त्रस्त थी किंतु भाजपा का केन्द्र व राज्य की सत्ता आने पर वे केवल व्यापारियोँ के हीतॉ के लिए काम कर रही

दिल्ली में आप पार्टी सरकार ने शिक्षा का स्तर ठीक किया गुड गवर्नेस दी किंतु बीजेपी ने पॉवर प्ले कर हमें निकाल दिया और पूरे देश को अपने चहेते व्यापारियोँ दे रही है कांग्रेस पार्टी की नीतियॉ से संगठन में ऐसे लोगों का पीढी दर पीढी कब्जा चला आ रहा है जिससे जनता तो क्या अब तो कार्यकर्ता भी उब चुके हैं विगत छ: वर्षो ही राज्य में सत्ता परिवर्तन हुआ था जब 2019 में भाजपा की 15 वर्षो के शासन में एक ही नेता डॉ रमन सिंह की सरकार थी किंतु उसमे भी राज्य की जनता को नीराश होना पडा था भाजपा में भी केवल चार चौधरीयों की सत्ता काबीज थी सीएम डॉ रमन सिंह भी राज धर्म भूल कर पुत्र मोह में पड़ गये थे उसे राजनांदगांव से सांसद बना लिया था उसके लिये ओबीसी के नेता को तक हटा कर बेईज्जत कर दिया था उनके करीबी एक मंत्री तो रायपुर शहर को अपनी जागीर ही समझने लगे थे उनकी पत्नी और बिटिया अलग वसुली में लगे थे संघ और संगठन को अपने तरीके से चलाने लगे थे छत्तीसगढ़ के निर्माता अटल बिहारी वाजपेयी की भतिजी बिटिया करुणा शुक्ला को ही भाजपा छत्तीसगढ़ से निकाल बैठे थे परिणीत ऐसे हुयी की बुरी तरह हार का सामना करते हुए 15 सीटों पर विधान सभा बचा पाये थे 14 व्यापारियोँ को विधान सभा में विधायक व 4 व्यापारियों को मंत्री भी बना लिया था राज्य का पूरा व्यापार उन्ही के हाथों चला गया था एक मंत्री तो भाजपा का झन्डा बैनर पोस्टर से लेकर बड़े बड़े डोम तक खरीद लिये थे पार्टी को प्राइवेट लिमिटेड बना लिया था कार्यालय में पेड वर्कर रख लिये थे जिसे मात्र मजदुरी का वेतन देते थे और तो और वे मंत्री ये भी कहते थे कि कार्यकर्ताओं का भाव ज्यादा बढ़ गया है मैने तो झन्डा बैनर व पोस्टर लगाने वाले मजदूर ही रख लिये हैं जो कम बजट में ही काम कर लेते हैं तो मैं इन भाजपा संघ कार्यकर्ताओं को क्यूं दू व खिलाऊ इसी पैटर्न को सभी मंत्रीयों व विधायक भी फॉलो करने लगे थे 15 साल की सत्ता और पैसे का घमंड़ इतना चढगया था कि जनता को ही भूल गये थे साथ ही साथ कार्यकर्ताओं को भी भूल गये थे क्यूंकि पेड वर्कर से काम कराते हैं तो कार्यकर्ताओं की क्या आवश्यकता अब जिसे भाजपा की भक्ती करनी हो वे करेंगें जब 2019 में 15 वर्षो बाद राज्य में सत्ता कांग्रेस के हाथों में आयी तो कांग्रेस फिर से उसी परिवार वाद की राजनीती में पड़ गयी बड़े किसान जो मुख्यमंत्री के करीबी थे का कर्जा माफ किया छोटे किसानों को छोड़ दिया शराब बंद करने के अपने वादे से ही मुकर गये धर्म विशेष के चक्कर में पड़ गये बहुसंख्यक हिन्दुओं को भूल गए और अल्पसंख्यकों को बढ़ावा देने लगे पुराने चाचा चौदरीयों को मंत्री पद दे दिया दुर्ग के एक पॉवर फुल मंत्री के पुत्रो का रिसाली नये निगम से लेकर हर जगह दखल बढ गया था उसकी बदनामी सिर पर एसी चढी की बड़ी हार का सामना और अब ग्रामीण जनता भी नाराज हो गयी फिलहाल राज्य की जनता के पास कोई विकल्प और भाजपा के हिंदुत्व की काट कांग्रेस के पास नही होने कारण भाजपा की राज्य में पुन: वपसी हो गयी किंतु भाजपा फिर से पुराने पैटर्न को अपना ली है हालाकी अब वे व्यापारि विधायकों को मंत्री नही बनाए हैं किन्तु भाजपा के शासन में एक बार फिर बेकडोर से व्यापारी ही सत्ता चला रहे हैं 2024 के विधान सभा चुनाव मे मुख्यमंत्री रहे भुपेश बघेल चुनाव जीते क्यूंकि शिक्षा के क्षेत्र में आत्मानंद अन्ग्रेजी माध्यम स्कूल शुरु किया जिसमें आज राज्य के गरीब परिवारों के बच्चे पढ रहे हैं किंतु इनके 10 मंत्री हार गए थे जिसमें जनता के बीच गृह मंत्री के हार व बदनामी की चर्चा आज भी होती रहती है अब चून्कि राज्य की जनता को नये राजनैतिक पार्टी के विकल्प की महती आवशय्कता है इसलिये नयी सोच समझ पारदर्शीता विकास और इमानदारी के साथ सरकार चलाने वाले नेताओं की पूर्ती हेतू राज्य की जनता आम आदमी पार्टी से जूड़ं रही हैं इस संभाग सम्मेलन में इसकी झलक देखने को मिली हालाकी 2024 के चुनाव में बहुत शक्ति लगाने के बाद भी कोई विधान सभा में अपनी मजबूत स्थति नही दर्शा पायी थी आप पार्टी किंतु अब भाजपा का रंग बदलता देख और कांग्रेस का निकम्मा पन देख जनता के लिये आम आदमी पार्टी एक अच्छे विकल्प के रुप में तैयार हो रही है भाजपा की सत्ता में वापसी के साथ व्यापारियोँ की बेकडोर इन्ट्री, परिवार वाद की राजनीत व कांग्रेस के निक्क्मे पन से त्रस्त जनता आम आदमी पार्टी से जुड रही है

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