Bhilai का एक नेता कुटेला भाटा के 100 लोगो का घर छीनना चाहता है

IIT भिलाई की नींव से लेकर उद्घाटन तक देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने किया किंतु एक हारा हुआ नेता जी की अवैद्य कमाई से लिया गया फार्म हाउस की जमीन के बदले हड़पना चाहते हैं गरीबों की बसाहट, जिसके लिए प्रशासन 17 घरों को तोड़ने आया, तो लोगों ने कोर्ट का स्टे दिखाया अब गरीबों के घरों को तोड़ने कानून तोड़ने की तैयारी कर रहा है प्रशासन है *IIT आई आई टी भिलाई* के पास ग्राम पंचायत कुटेला भाटा के 100 लोगों पर संकट आ गया है लगभग 17 परिवार विगत दो पीढ़ियों पिछले 60 सालों से यहां रह रहे हैं आई आई टी भिलाई बनाने के लिए जिन जमीनों का अधिग्रहण हुआ वह भिलाई स्टील प्लांट की थी और कुछ लगी हुई निजी जमीनों का भी अधिग्रहण किया गया जिसका फायदा उठाकर एक नेता जी अपनी काली कमाई से लिए गए फार्म हाउस की जमीन के बदले शासन से किए फर्जी एम ओ यू को आधार बनाकर आई आई टी के लिए गई पीछे की जमीन के बदले रोड की जमीन चाहते हैं जिसके लिए ये सारा षड्यंत्र कर रहे हैं बता दे की नेता दो बार बुरी तरह से चुनाव हार गए किंतु अकड़ नहीं गई अब जनता की जमीन पर डोरे डाल रहे हैं और इन महाशय को भिलाई निगम का महापौर भी बनाना है भिलाई पढ़े लिखे शिक्षित लोगों की नगरी है आई आई टी भिलाई को यहां लाने में पूर्व विधान सभा अध्यक्ष और भिलाई के पूर्व विधायक प्रेम प्रकाश पांडे की मुख्य भूमिका रही है किंतु आई आईं टी कैंपस की जमीन कुटेला भाटा अहिवारा विधान सभा में आती है चूंकि आई आई टी भिलाई जहां देश के प्रतिष्ठित संस्थाओं की गिनती में आ रहा है वहां जमीन कब्जाने का घिनौना खेल इसकी प्रतिष्ठा पर दाग लगा सकता है ये संघर्ष के लिए क्षेत्र के लोगों ने भी कमर कस ली है राजनैतिक दबाव हो या प्रशासनिक सबके लिए यहां की जनता तैयार है चूंकि भिलाई नगर निगम समेत चार निगम चुनाव इससे प्रभावित होने वाले हैं इसलिए सत्ता पक्ष और विपक्षीय दल किसी प्रकार का रिस्क नहीं लेगा इस जमीन को हड़पने वाले शिकारी की चाल को बचाने और उजागर करने के लिए गरीबों की जमीन छीनी जाती है तो इसका असर आने वाले विधानसभा चुनाव पर भी पड़ेगा

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