त्विसा शर्मा की मौत कैसे हुई जाने कौन है सबसे बड़ा गुनहगार
त्विसा शर्मा की मौत कैसे हुई जाने कौन है सबसे बड़ा गुनहगार
लव मैरिज में लव छोड़कर वह सब हुआ जो नहीं होना था परिणाम स्वरूप पढ़ेलिखे हिंदू परिवारों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है एक परिवार की लाडली अब इस दुनिया में नहीं रही तो दूसरा परिवार अब अपमान जिल्लत और सजा भुगतेगा आए समझते हैं क्या हुआ था इस केस में कहां चूक हुई कैसे अहम टकराए और बिखर गया परिवार त्विसा एक स्वछंद प्राकृत की लड़की जिसने बहुत ही थोड़े समय में फैशन जगत से लेकर मॉडलिंग और फिल्मों में काम कर अपनी बड़ी पहचान बना ली थी किंतु हर लड़की का सपना होता हैं कि उसका घर बस जाए एक अच्छा पति मिले और परिवार ये सब चाहत लिए त्विसा और समर्थ का मेल आधुनिक समाज की कल्पनाओं के बीच ऑन लाईन मैरिटिमुनि साईट से हुआ एक दूसरे को पसंद कर साथ चलने का निर्णय लिया त्विसा और उसके मा बाप भाई और बहनों को भी सब अच्छा ही लगा किंतु कहते हैं न होनी को क्या मंजूर था किसी को नहीं मालूम था परिवार स्टेट्स पैसा और नाम सभी था त्विसा के नए रिश्ते में उसका घर बस चुका था अब शुरुवात हुई परिवार जीवन की जिसमें प्यार कम अहम अहंकार ज्यादा घुस गया समर्थ सिंह जो पेशे से क्रिमिनल लॉयर और उनकी मां गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जज है जो संभवत हर काम लीगल वे में ही करते रहे होंगे समर्थ सिंह की मां गिरिबाला सिंह चूंकि रिटायर्ड जज है जो अच्छा खासा तजुर्बा रखती हैं से समाज किसी प्रकार की हिंसा हरासमेंट और गैर कानूनी काम की अपेक्षा नहीं रख सकता है और समर्थ सिंह भी क्रिमिनल लॉयर है तो जुर्म की सजा के बारे मे अच्छी तरह जानते ही होंगे फिर भी अपने परिवार जीवन को संभाल नहीं सके पत्नी त्विसा के नेचर को नहीं समझ सके चूंकि इनकी मां और त्विसा की सास रिटायर्ड है और संभावना है कि अपने बेटे का परिवार उजड़ने नहीं देती किंतु जीवन भर आर्डर दिया था तो शायद बहु की इच्छा को समझ नहीं पाई इसलिए उनके परिवार में इतनी बड़ी घटना हो गई कि अब बची हुई जिंदगी हो सकता है सलाखों के पीछे बीते अब त्विसा की मनोस्थिति समझते हैं जहां एक ओर वह स्वछंद प्रकृति की होने साथ साथ शादी के बाद चलने वाले परिवार जीवन बच्चों के लिए शायद मानसिक तौर पर तैयार नहीं हो पाई थी शादी व बच्चों की जिम्मेदारी का बोझ कैरियर में रुकावट बन जाए इस द्वंद के बीच फंसी सी दिखती है दूसरी ओर उनके पति समर्थ और सास गिरीबाला सिंह परिवार में बच्चे के आगमन की खुशी मनाने के लिए आतुरता लिए होंगे किंतु पति-पत्नी और परिवारों के बीच चलने वाले खींच तान के बीच ये बड़ी हृदयविदार्क घटना हो गई जिसमें एक एंबीशियस यंग लेडी का अंत कर दिया
अब बात उस समय की करते हैं जब त्विसा-समर्थ और गिरिबाला सिंह तीनों घर पर थे शायद इन तीनों के आलावा कोई भी नहीं था अहम जिद्द का टकराव शुरू हुआ जो एक दूसरे को दिए गिफ्ट पैसे और साथ देने को लेकर भयंकर विवादों को जन्म दे दिया त्विसा शरीर से कमजोर पड़ गई तब समर्थ और सास गिरीबाला भारी पड़ गए एक ओर त्विसा के मा पिता जी फोन लाइन पर थे तो दूसरी ओर भोपाल के घर पर विवाद बढ़ता ही जा रहा था चूंकि त्विसा खुद बोल चुकी थी कि लगता है मैं फंस गई हूं इसलिए ये समझा जा सकता है कि ओ रात बस उसकी आखरी रात में बदल गई वो ऊपर चढ़ी रुम बंद किया और अपने को खत्म कर लिया या फिर क्रिमिनल लॉयर बेटे ओर रिटायर्ड जज सासू मां ने त्विसा को सजा दे दी जिसका सच अभी सामने आने में बहुत वक्त लग जाएगा
शादी एक बंधन है किंतु युवा सदैव में फ्रीडमनैश में रहना चाहते है इसलिए सोशियल क्राइसेस बढ़ रहा है
फिलहाल देश की सर्वोच्च अदालत ने इस केस का संज्ञान लेते हुए सुनवाई करना शुरु किया है कहा वरिष्ठ वकील सालिसिटर बोले की मृत बेटी से तलाकशुदा बेटी ज्यादा अच्छी है इसका मतलब साफ है कि अगर पति पत्नी में न पटे तो तलाक ले ले किंतु भारतीय कानून में ये भी आसान नहीं है खास तौर पर हिन्दुओं पर देश का कानून भी सख्त है जबकि भारत में हिंदू की ही मेजोरिटी है किंतु मौजूदा कानून लचर है किसी से शादी हो जाए तो तलाक लेना कठिन हो जाता है चाहे वो लड़कियों का मामला हो या लड़कों का त्वरित न्याय नहीं मिल सकता