सक्षम के प्रदेश संगठन मंत्री रामजी राजवाड़े बोले महामुनि ऋषि अष्टावक्र ने कहा था कि सत्य कर्मकांडों में नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर ही स्थित है।

सक्षम के प्रयासों से छत्तीसगढ़ में अब जन्म से 40% विकलांगों को भी पेंशन मिलेगी बागबाहरा / महासमुंद:सक्षम सेवा संस्थान (रायपुर, छ.ग.) की महासमुंद जिला इकाई के अंतर्गत परेश भवन, बागबाहरा में महान संत महामुनि ऋषि अष्टावक्र की जयंती अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस गरिमामयी कार्यक्रम में संगठन मंत्री श्री राम जी राजवाड़े मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन महासमुंद सक्षम जिला सचिव श्री राजेश कुमार नायक ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने सक्षम के संघर्ष और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संस्था के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप ही दिव्यांगता के प्रकार पूर्व के 7 से बढ़कर पहले 14 और अब कुल 21 हो गए हैं। उन्होंने यह भी खुशखबरी साझा की कि पहले जहाँ पेंशन के लिए 18 वर्ष की आयु और 80% या उससे अधिक विकलांगता की अनिवार्यता थी, वहीं इस वर्ष से जन्म से ही 40% दिव्यांगता वाले जनों को भी पेंशन का लाभ मिलना प्रारंभ हो जाएगा। इसके अलावा, सक्षम द्वारा निःशुल्क कृत्रिम अंग वितरण, निःशुल्क शिक्षा, रोजगारपरक मार्गदर्शन, स्वास्थ्य सेवाएँ और दिव्यांग जोड़ों के विवाह जैसे सेवा कार्य निरंतर किए जा रहे हैं। समारोह में प्रांत युवा आयाम के श्री शरद चन्द्र जी ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी और योगदान पर विशेष जोर दिया। वहीं, श्री सतीश जी ने संस्था की 'निरामय योजना' और 'सक्षम सेवा योजना' के बारे में विस्तार से जानकारी दी। ब्लॉक संरक्षक श्री भीमसेन चंद्राकर जी ने देश के विकास में दिव्यांगजनों के योगदान को रेखांकित किया। कार्यक्रम में इनकी रही विशेष उपस्थिति: इस आयोजन को सफल बनाने में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिकों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही। प्रमुख रूप से— * ब्लॉक अध्यक्ष: श्री चंद्र कुमार टांडे * ब्लॉक संयोजक: श्री सूरज चंद्राकर * ब्लॉक कोषाध्यक्ष: श्री ओसराम साहू * अस्थि बाधित प्रमुख: श्री बिन्दा यादव * चेतना प्रकोष्ठ प्रमुख: कुंती धिवर एवं संतोषी जी * बागबाहरा कॉलेज के प्रोफेसर: श्री गजानंद बूढ़ेक * विशिष्ट अतिथि एवंगणमान्यजन: श्री प्रवीण राय, श्री योगेंद्र यादव, श्री सौरभ जैन, और श्री राजा चंद्राकर * बिहान योजना से जुड़ी सक्रिय दीदियाँ: रेवती पटेल, प्रेमलता बघेल, शांति वैष्णव, देवकुमारी बरिहा, और कमला साहू उपस्थित सभी अतिथियों और वक्ताओं ने ऋषि अष्टावक्र के आदर्शों को आत्मसात करने और समाज के अंतिम छोर पर खड़े दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने महामुनि ऋषि अष्टावक्र के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।

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