राजनैतिक विचारक गिरधर मढ़रिया बोले पूरी ईमानदारी के प्रयासों से बनेगा विकसित भारत

T & C दुर्ग जिला के प्रभारी प्रतीक दीक्षित बोले मास्टर प्लान के साथ साथ स्थानीय समस्याओं का संतुलन विकास के लिए जरूरी है जल प्रबंध विशेषज्ञ डॉ आर पी देवांगन बोले वर्षा का 80% जल बह कर समुद्र में व्यर्थ ही चला जा रहा है जिसे रोका जाने से जल संकट से बचा जा सकता है इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस (IBC) दुर्ग-भिलाई चैप्टर द्वारा जल प्रबंधन और 'विकसित भारत' के निर्माण में स्मार्ट जल तकनीकों की भूमिका पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों, अर्बन प्लानर्स, विशेषज्ञों, अभियंताओं और युवाओं ने भाग लेकर गहराते जल संकट के समाधान पर गहन मंथन किया। कार्यशाला के मुख्य बिंदु एवं वक्ताओं के विचार: * ईमानदारी और सामाजिक दायित्व (मुख्य अतिथि - गिरधर प्रसाद मढ़रिया): सरदार वल्लभ भाई पटेल फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरधर प्रसाद मढ़रिया ने कहा कि 'विकसित भारत' का सपना नागरिकों और पेशेवरों की ईमानदारी और सामाजिक कर्तव्यों के निर्वहन से ही पूरा होगा। * मास्टर प्लान और जन-सहयोग (प्रतीक दीक्षित, संयुक्त निदेशक - नगर एवं ग्राम निवेश): शहरी विकास मास्टर प्लान के आधार पर होता है, लेकिन स्थानीय समस्याओं को सुलझाने के लिए शासन, प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। * जल संकट के आँकड़े और समाधान (डॉ. आर. पी. देवांगन, पूर्व GM - SAIL): * सीमित संसाधन: भारत में विश्व की 18% आबादी निवास करती है, जबकि देश के पास दुनिया का केवल 4% ताजा जल उपलब्ध है। * 80% वर्षा जल का अपव्यय: देश में कुल वर्षा का केवल 20% पानी ही संचित होता है, जबकि 80% पानी व्यर्थ बह जाता है। * समाधान (3Rs): रेनवाटर हार्वेस्टिंग, कृषि में ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई, अपशिष्ट जल का पुनर्चक्रण (Recycling) और 'कैच द रेन' अभियान को जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। * तकनीकी बारीकियां और ड्रेनेज व्यवस्था (डॉ. राजेश ताम्रकार, अध्यक्ष - IBC): इंजीनियरों को निर्माण के समय जन-सुविधाओं का ध्यान रखना चाहिए। उदाहरणस्वरूप, नालियों को 90 डिग्री (राइट एंगल) पर बनाने से ड्रेनेज जाम की समस्या पैदा होती है, जिससे बचना चाहिए। * युवा भागीदारी और संगठन (इंजी. शुभ्रकांत ताम्रकार, सचिव - IBC): इंजीनियरों के पास अपार क्षमता है। IBC देशभर के अभियंताओं का एक सशक्त मंच है, जिससे जुड़कर युवा तकनीकी चुनौतियों का समाधान कर सकते हैं। नवाचार एवं विशेष आकर्षण: * स्वचालित जल संरक्षण तकनीक: युवा उद्यमी चंद्रकांत साहू ने पानी की बर्बादी रोकने वाले ऑटोमैटिक सेंसर्ड डिवाइसेस का प्रदर्शन किया। * सफल संचालन व उपस्थिति: कार्यक्रम का संचालन अर्बन प्लानर नमिता ताम्रकार ने किया। इस दौरान कृष्णा इंजीनियरिंग कॉलेज के टॉपर्स, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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